Labels

Comments

01 August 2016

कैरियर की सच्चाई

एक मेरा दोस्त ने बहुत ही अच्छी बात लिखके भेजा जिसे मै आप सभी को भेजने से रोक नहीं पाया, 
वर्तमान युग प्रतिस्पर्धा का युग हैं|सफलता हर ब्यक्ति का लक्ष्य हैं|हर युवा अच्छी नौकरी पाना 

चाहता हैं,अच्छा पॅकेज चाहता हैं,अतिरिक्त सुबिधाए भी अपेक्षित होती हैं|स्कूल,कालेज के सर्टिफिकेट 

डिग्री मात्र किसी संस्थान का द्वार खटखटाने का अनुमति देता हैं |हर संस्थान अपनी तेराजू पर 

जांचता ,तोलता ,परखता हैं,परीक्षा लेता हैं,फिर ग्रुप डिस्कशन ,व्यक्तिगत साक्षात्कार ,मेडिकल परीक्षा

 इत्यादि कई पड़ाव होते हैं|एक लम्बी प्रक्रिया होती हैं |

अधिकाश हम सभी अपने जीवन का निर्णय नहीं लेते ,भीड़ का हिस्सा है हम |हर फार्म भरते हैं, एक

 दो गाइड खरीद लेते हैं|माता-पिता आर्थिक रूप से सक्षम हो, तो कोचिंग संस्थान में मोती फीस दे 

देते हैं,वहां भी एक छोटे से कमरे में 40-50 व्यक्ति होते हैं,पुराने पेपर हल करवा देते हैं |हर सप्ताह 
टेस्ट लेते हैं |इन्टरनेट से डाउनलोड कर अपने संस्थान की सील लगाकर सामाग्री दे देते हैं |

सीटे कम होती हैं ,उम्मीदवार कई गुने 1:100 का अनुपात होते हैं,औसत रूप में परिणाम निकलने 


पर 100 में से 1 के घर पर त्यौहार मनता हैं ,शेष 99 रोतें है बस अगली परीक्षा के लिय फ़ार्म 

भरना ,वहीँ प्रक्रिया बुझे मन से करतें हैं सफल उम्मीदवार का श्रेय 3-4 कोचिंग संस्थान लेते हैं |

धनराशि देकर फोटो लेकर फर्जिरोलनंबर चिपकाकर समाचार पत्रों के मुख्य पृष्ट पर बिज्ञापन दिए 

जातें हैं, कुछ और उम्मीदवार को लुटने के लिए |


No comments:
Write comments

Apna Comment Yaha Karen?

Hame Khusi hai ki Aap newzankari.com me Comment kar rahe hai. Comment karne ke phele in bato ka diyaan rakhe -


1. Galat sabdo ka Priyog naa kare.

Total Pageviews

web rank

© 2014 Newzankari.com. Designed by Bloggertheme9
Powered by newzankari.