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14 October 2015

उत्तर देने का ढंग हो जरा हटके,यही हैं मेरे सफलता का राज







वैभव मिश्रा
मैंने सामान्य उत्तरों को विशेष तरीके से देने का प्रयास किया|कभी भी ज्यादा किताबे नहीं पढ़ी |सेलेक्टिव स्टडी पर अधिक जोर दिया |

हाल ही में उत्तर प्रढेश लोक सेवा आयोग –राज्य/प्रसव  अधीनस्थ सेवा (यूपी पीसीएस -2008 )परीक्षा के नतीजे घोषित किये गए,जिसमे इलाहबाद के पास प्रतापगढ़ के रहने वाले वैभव मिश्रा ने टॉप किया |वैभव मिश्र इससे पहले भी कई उपलब्धियां हासिल कर चुके है |उत्तराखंड पीसीएस -2006 में भी उन्हें तीसरा स्थान प्राप्त हुआ हैं|इसके आलावा यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में भी वह दो baar इंटरब्यू तक पहुच चुके है | उनके अनुसार ----

यूपीएससी में आने की प्रेरणा ------दरअसल 2002 में मेरे ममेरे भाई ने यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा पास की थी |उनकी इस उपलब्धि ने मुझे इस दिशा में कदम रखने  के लिए प्रेरित किया| तब मैं इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से राजनीती बिज्ञान में एम.ए.कर रहा था |बाकी गंभीर रूप से इस परीक्षा की तैयारी 2006 से शुरू की|
घर की मदद – परिवार की तरफ से मुझे इस ओर हर संभव मदद मिली |जून 2007 में मैंने जेआरफ (जूनियर रिसर्च फेलो –राजनीति बिज्ञान )परीक्षा भी पास की था | इससे पैसो के मामले में मै आत्मनिर्भर हो गया |और दिल्ली में बतौर लेक्चरर पढ़ता भी था|
कोचिंग की मदद –हाँ ,मैंने दिल्ली के एक संस्थान से कोचिंग की थी |इससे मै हमेशा समसामयिक घटनाओ को लेकर अपडेट रहता था|
अध्ययन सामग्री ----राजनीति विज्ञानं के लिए मैंने ओमप्रकाश गाबा ,थिंकर्स के लिए पीडी शर्मा ,सविंधान के लिए वेटेड (जिसमे अनुच्छेद होते है)और डीडी बसु की किताबे पढ़ी |जीएस का सिलेबस बहुत बड़ा होता हैं |इसके लिए ल्यूसेंट की किताब से काफी मदद मिली | इसके आलावा मै अमरउजाला व् अन्य हिंदी समाचार पत्र को सम्पादकीय पृष्ठ से कोट्स लेकर उन्हें एक डायरी में संग्रहित किया करता था |परीक्षा के दौरान इन्हें निबंधो में इस्तेमाल किया करता था|परीक्षा में मैप बनाकर अपने उत्तरों को और अधिक स्पष्ट तरीके से दीए ,ताकि मेरे उत्तर अन्य परीक्षार्थियों से अलग और अच्छे दिख सके |
इंटरब्यू का अनुभव ---इंटरब्यू के दौरान आपके बायोडाटा को देखकर ही प्रश्न पूछे जाते है|मुझसे इंटरब्यू में विश्लेषणात्मक प्रश्न ज्यादा पूछे गए थे|इस दौरान पाकिस्तान से आतंकवाद ,चीन –भारत सम्बंध ,भारत-अमेरिका समझौता सीमेरिका को क्या मिला ,भारत का भौतिकवादी दर्शन ,जैन दर्शन ,यूएन में अमेरिका का वर्चस्व आदि टापिक से प्रश्न पूछे गए |इसके तहत विषयों की अवधारणा तीन या चार लाइनों में स्पष्ट करनी होती है|
सफलता का मूलमंत्र ----बाजार में मौजूद कई कंपनीयो के उत्पाद एक जैसे होते है|लेकिन उनकी पैकिंग उन्हें अलग बना देती है |इसी तरह मैंने भी सामान्य उत्तरों को विशेष तरीके से देने का प्रयास कियां |कभी भी ज्यादा किताबे नहीं पढ़ी |सेलेक्टिव स्टडी पर अधिक जोर दिया |
परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र को टिप्स----मै यही कहना चाहूँगा की उन्हें अपना लक्ष्य बड़ा रखना चाहिए |सामान्य काम को विशेष तरीके से करने पर ही सफलता मिलती है|



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